झारखंड हाईकोर्ट ने शुक्रवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा रद्द करने वाली राज्य सरकार की अधिसूचना को निरस्त कर दिया। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने परीक्षा पास कर नौकरी पा चुके अभ्यर्थियों की कई याचिकाओं पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया और सरकार के निर्णय को ‘अनुचित और अन्यायपूर्ण’ करार दिया।
क्या है पूरा मामला
पीटीआई के मुताबिक यह परीक्षा 21 और 22 सितंबर 2024 को हुई थी, जिसे JSSC-CGL-2023 के नाम से भी जाना जाता है। भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने इस साल अगस्त में 2014 के बाद हुई 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी थीं और 23 अन्य परीक्षाओं की जांच के आदेश दिए थे। ये परीक्षाएं JPSC, JSSC और आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल ने कराई थीं।
सरकार की दलील थी कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रश्नपत्र लीक के सबूत मिले हैं, इसलिए परीक्षा रद्द करना जरूरी था। वहीं याचिकाकर्ताओं का कहना था कि परीक्षा रद्द करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने इससे पहले कुछ परीक्षाओं, जिनमें JSSC-CGL-2023 भी शामिल थी, को रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई थी।
हजारों अभ्यर्थियों की नौकरी बची
हिन्दुस्थान समाचार के अनुसार इस फैसले से 1,932 चयनित अभ्यर्थियों को राहत मिली है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में यह संख्या करीब दो हजार बताई गई है। ये अभ्यर्थी नियुक्ति पाकर सरकारी सेवा में आ चुके थे और परीक्षा रद्द होने से उनकी नौकरी पर संकट खड़ा हो गया था।
जांच जारी रहेगी
परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच झारखंड CID की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। कई रिपोर्टों के मुताबिक अदालत के इस फैसले से CID जांच पर रोक नहीं लगी है। दूसरी ओर, एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ आंदोलन कर रहे कुछ छात्रों ने फैसले पर नाराजगी जताई है।
(स्रोत: PTI, हिन्दुस्थान समाचार, NDTV India, आजतक)


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