तुर्किये की संसद ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ हुए ‘मक्का संयुक्त रक्षा समझौते’ की पुष्टि करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। अनादोलु एजेंसी के मुताबिक, संसद के 592 सदस्यों में से 398 ने मतदान किया, जिसमें 279 वोट पक्ष में और 119 वोट विरोध में पड़े। इसके साथ ही तीनों देशों के बीच इस त्रिपक्षीय रक्षा समझौते के लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।
क्या है मक्का समझौता
तीनों देशों ने 7 अगस्त 2026 को इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत किसी एक देश पर हुए हमले को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने 23 अक्टूबर को बताया था कि पाकिस्तान और सऊदी अरब दोनों इसकी पुष्टि की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं। तुर्किये सरकार ने 20 अक्टूबर को समझौता संसद में पेश किया था और 27 अक्टूबर को संसदीय समिति ने इसे मंजूरी दी थी।
‘किसी तीसरे देश के खिलाफ नहीं’
सत्तारूढ़ AK पार्टी के सांसद ज़िया अल्तुन्यालदिज़ ने संसद में कहा कि इस समझौते में किसी तीसरे देश के खिलाफ कोई रुख नहीं है और इसका मकसद संघर्षों को रोकना है। मुख्य विपक्षी दल ने पहले ही इसके खिलाफ वोट देने का ऐलान किया था।
तुर्किये सरकार के मुताबिक, समझौते की पुष्टि के बाद भी सऊदी अरब में तुर्की सैनिकों की तैनाती के लिए संसद से अलग से अनुमति लेनी होगी।
(स्रोत: Anadolu Agency, Al Jazeera, Hürriyet Daily News)


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