पंजाब के पटियाला जिले में राजपुरा के पास शुक्रवार दोपहर अमृतसर से न्यू जलपाईगुड़ी जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में आग लग गई, जो चार डिब्बों तक फैल गई। धुआं और लपटें उठते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। ट्रेन को सराय बंजारा के पास रोककर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेलवे के अंबाला मंडल के मुताबिक आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
कैसे हुआ हादसा
अमर उजाला के मुताबिक ट्रेन दोपहर 12:58 बजे फतेहगढ़ साहिब जिले के साधुगढ़ स्टेशन से रवाना हुई थी और कुछ ही देर बाद राजपुरा के नज़दीक जनरल कोचों से धुआं उठने लगा। घबराए यात्री सामान छोड़कर डिब्बों से उतरने लगे। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा प्रणाली सक्रिय होने के बाद ट्रेन को सुरक्षित रोक लिया गया।
आग की शुरुआत को लेकर अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में आग के इंजन की ओर से शुरू होकर कोच तक फैलने की बात कही गई, जबकि दैनिक जागरण के मुताबिक जीआरपी के एसएचओ गुरप्रीत सिंह ने एक डिब्बे के पंखे में शॉर्ट सर्किट को वजह बताया। रेलवे ने जांच शुरू कर दी है।
राहत ट्रेन रवाना, कई गाड़ियों का रूट बदला
- आपात स्थिति से निपटने के लिए अंबाला से दोपहर 1:20 बजे दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन भेजी गई।
- जले हुए डिब्बों को ट्रेन से अलग कर दिया गया। त्योहार पर घर जा रहे कई यात्रियों का सामान आग में जल गया।
- हादसे के कारण साहनेवाल और अंबाला के बीच कई ट्रेनों को चंडीगढ़ और सरहिंद होकर वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया।
गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न को देखते हुए रेलवे ने इसी हफ्ते यात्रियों से ट्रेनों में पटाखे, गैस सिलेंडर और पेट्रोल जैसे ज्वलनशील सामान न ले जाने की अपील की थी। रेलवे अधिनियम के तहत ऐसा करने पर तीन साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
(स्रोत: Indian Express, अमर उजाला, दैनिक जागरण)


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