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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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योजनाओं में आधार की जगह वोटर आईडी: राहुल गांधी ने ललन सिंह के बयान को बताया ‘गहरी साजिश’

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के बयान को नेता प्रतिपक्ष ने ‘गहरी साजिश’ बताया और एसआईआर से जोड़ा; मंत्री ने आधार की विश्वसनीयता पर उठाए थे सवाल

योजनाओं में आधार की जगह वोटर आईडी: राहुल गांधी ने ललन सिंह के बयान को बताया ‘गहरी साजिश’
फाइल फोटो: शिलॉन्ग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते राहुल गांधी | फोटो: Sidheeq / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) के उस बयान पर मोदी सरकार को घेरा, जिसमें कहा गया था कि पंचायत से जुड़ी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान अब आधार के बजाय मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) से होगी। एक्स पर हिंदी में लिखी पोस्ट में राहुल ने इसे ‘गहरी साजिश’ बताया और कहा कि यह केवल वोट की नहीं, बल्कि लोगों के हक की चोरी है।

एसआईआर से जोड़कर लगाए आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में नाम काटे जा रहे हैं और सबसे ज़्यादा निशाने पर वे लोग हैं जो भाजपा से नाराज़ हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को ‘मोदी सरकार का कर्मचारी’ बताते हुए कहा कि मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव आयोग के हाथ में होनी चाहिए। उनका कहना था कि नाम कटने से वोट जाएगा और वोट जाने के साथ योजनाओं का हक भी छिन जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आज पंचायती राज की योजनाएं हैं, तो कल राशन, पेंशन, मनरेगा, आवास, छात्रवृत्ति और आरक्षण का क्या होगा।

मंत्री ने क्या कहा था

मध्यमम की रिपोर्ट के मुताबिक ललन सिंह ने जन योजना अभियान पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा था कि लाभार्थियों को वोटर आईडी (ईपीआईसी) नंबर के साथ बायोमेट्रिक विवरण देना होगा। उन्होंने आधार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यह आसानी से बन जाता है। हालांकि मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन योजनाओं या भुगतानों पर यह व्यवस्था लागू होगी। उनकी टिप्पणी प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना पर चर्चा के दौरान आई थी।

इस बयान पर कांग्रेस के अलावा माकपा ने भी आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मई में एसआईआर की वैधता बरकरार रखी थी, लेकिन यह भी साफ किया था कि चुनाव आयोग इस प्रक्रिया के ज़रिए नागरिकता तय नहीं कर सकता।

(स्रोत: The Hindu, Madhyamam)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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