आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) पर रावली रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनने वाले 60 मीटर लंबे और 11 मीटर चौड़े स्टील पुल की असेंबली लगभग पूरी हो गई है। अमर उजाला के मुताबिक, इस समय पुल की फिनिशिंग और बोल्ट कसने का काम चल रहा है। खास बात यह है कि रेलवे लाइन के ऊपर मेट्रो का यह हिस्सा बिना किसी पिलर के तैयार होगा, जिससे नीचे ट्रेनों की आवाजाही पर असर नहीं पड़ेगा।
154 हिस्सों को जोड़कर बना स्पैन
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) के संयुक्त महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार, यह स्टील स्पैन 154 छोटे हिस्सों को ट्रेसल की मदद से जोड़कर बनाया गया है। बोल्टिंग पूरी होने के बाद इसे रोलिंग तकनीक से खिसकाकर रेलवे लाइन के ऊपर तय जगह पर बैठाया जाएगा। निगम इस चरण को इसी महीने के अंत तक पूरा करना चाहता है। इसके बाद स्पैन पर कंक्रीट स्लैब डालकर अप और डाउन, दोनों लाइनों का ट्रैक बिछाया जाएगा।
सामान्य यू-गर्डर करीब 28 मीटर लंबा होता है, लेकिन रेलवे लाइन की चौड़ाई और सुरक्षा को देखते हुए यहां 60 मीटर का विशेष स्पैन लगाया जा रहा है। दूसरे कॉरिडोर पर ऐसे 10 से 11 स्टील स्पैन बनने हैं। रावली के अलावा सेंट जोंस क्रॉसिंग, भगवान टॉकीज और यमुना नदी पर भी इसी तरह के स्पैन लगेंगे।
पांच स्टेशनों वाले प्रायोरिटी सेक्शन पर नजर
दैनिक भास्कर के अनुसार, दूसरे कॉरिडोर के आगरा कैंट से आगरा कॉलेज तक करीब 5 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी सेक्शन पर दिसंबर से यात्री सेवा शुरू करने का लक्ष्य है। इस हिस्से में आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट और आगरा कॉलेज स्टेशन होंगे। रावली वाले हिस्से को छोड़कर इस सेक्शन के लगभग सभी पिलर ढाले जा चुके हैं।
मंगलवार (3 नवंबर) को यूपीएमआरसी ने डिपो के एंट्री रैंप से सदर बाजार स्टेशन तक प्री-आरडीएसओ ऑसिलेशन टेस्टिंग पूरी की। इसमें ट्रेन में रेत की बोरियां रखकर 959 यात्रियों के बराबर भार तैयार किया गया और ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से दौड़ाया गया। निगम के मुताबिक परीक्षण में सभी तकनीकी मानक सही पाए गए।
(स्रोत: अमर उजाला, दैनिक भास्कर)


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