खरीफ विपणन मौसम 2026-27 में धान की सरकारी खरीद के लिए खूंटी जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार, 4 नवंबर को समाहरणालय में उपायुक्त मो. जावेद हुसैन की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय धान अधिप्राप्ति अनुश्रवण समिति की बैठक में जिले में 25 लैम्प्स केंद्र स्थापित करने और उनके साथ राइस मिलों की टैगिंग के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। दिसंबर से इन केंद्रों पर किसानों से धान खरीदने की योजना है।
पंजीकरण बढ़ाने और कर्मियों की तैनाती का निर्देश
बैठक में यह प्रस्ताव जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने रखा था। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि खरीद शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं और वहां जनसेवक व प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी समेत दूसरे कर्मियों की प्रतिनियुक्ति तय की जाए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा किसानों का पंजीकरण कराने को कहा, ताकि खरीद के समय किसी को परेशानी न हो। बैठक में बताया गया कि धान बेचने के बाद भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी और आसान रखी जाएगी। उपायुक्त ने पूरी प्रक्रिया सरकारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक समयबद्ध ढंग से पूरी करने का निर्देश दिया।
किसानों को कितना मिलेगा दाम
केंद्र सरकार ने इस सीजन के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,441 रुपये और ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। पीटीआई के हवाले से लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड सरकार इसके ऊपर 109 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस अलग से देगी, जो पिछले साल 81 रुपये था। यानी सामान्य धान पर किसानों को प्रति क्विंटल 2,550 रुपये मिलेंगे।
- राज्य ने इस बार 40 लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य रखा है, जो पिछले सीजन से 20 लाख क्विंटल कम है।
- भुगतान पिछले साल की तरह एकमुश्त (वन-टाइम सेटलमेंट) किया जाएगा।
- बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से आकर यहां धान बेचने वालों पर रोक के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
(स्रोत: प्रभात खबर, लाइव हिन्दुस्तान/पीटीआई)


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