बिहार सरकार ने गांवों के समग्र विकास और ग्रामीण रोजगार के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को ‘विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ यानी वीबी-जी रामजी मिशन में शामिल करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को पटना के लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मिशन की समीक्षा बैठक हुई।
साल में 125 दिन काम, 15 दिन में मजदूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी, जिसका खर्च केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में उठाएंगी। उन्होंने निर्देश दिया कि मजदूरी का भुगतान तय सीमा यानी 15 दिनों के भीतर हो और इसमें देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मिशन में अब तक करीब 1.5 लाख योजनाएं ली गई हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर तीन लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
चार श्रेणियों में होंगे काम
ग्राम पंचायतों में विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से चार प्रमुख श्रेणियों में कराए जाएंगे:
- जल सुरक्षा
- ग्रामीण आधारभूत संरचना
- आजीविका संवर्धन
- आपदा प्रबंधन
‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। हर आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये और साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री व फर्नीचर पर 2 लाख रुपये खर्च होंगे। जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाओं की जरूरत है वहां नए कमरे बनेंगे, साथ ही ग्रामीण हाट, स्वास्थ्य केंद्र और खेल मैदान जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
जल संरक्षण और निगरानी पर जोर
मुख्यमंत्री ने नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार को प्राथमिकता देने और जिलाधिकारियों को इन कामों की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने योजनाओं की निगरानी में तकनीक के ज्यादा इस्तेमाल, सामाजिक अंकेक्षण की प्रभावी व्यवस्था और जनशिकायतों के त्वरित निपटारे पर भी जोर दिया। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जल संरक्षण और पौधरोपण के तय लक्ष्यों के अनुरूप काम करने का निर्देश दिया गया।
(स्रोत: अमर उजाला, दैनिक भास्कर)


टिप्पणियाँ
इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।