बोकारो जिले के बेरमो कोयलांचल में सीसीएल के कथारा प्रक्षेत्र की कथारा कोलियरी में गुरुवार, 5 नवंबर की सुबह कोयले का स्टॉक धंसने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। कोलियरी के हिप नंबर-5 (स्टॉक यार्ड) के पास आसपास के ग्रामीण कोयला चुन रहे थे, तभी ऊपर से कोयले का ढेर धंस गया और कई लोग उसकी चपेट में आ गए। लाइव हिंदुस्तान के मुताबिक, मृत महिलाएं कोलियरी से सटी बांध बस्ती की रहने वाली थीं और इसी इलाके की तीन अन्य महिलाएं और एक पुरुष घायल हुए हैं।
अस्पताल पहुंचने तक हो चुकी थी देर
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर जुटे और सभी को सीसीएल के कथारा क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद तीनों महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया। स्थानीय पुलिस और सीसीएल प्रबंधन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और शवों को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल भेजने की तैयारी की गई। प्रभात खबर के अनुसार, घटनास्थल पर कोयला चुनने और ढोने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, पानी की बोतल और किनारे इकट्ठा किया गया कोयला बिखरा मिला। बताया जाता है कि महिलाएं घर में जलावन के लिए कोयला चुनने पहुंची थीं।
1.82 लाख टन का भंडार, निगरानी पर सवाल
प्रभात खबर के मुताबिक, इस स्टॉक में करीब 1.82 लाख टन वाशरी ग्रेड-3 कोयला रखा था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 45.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतने बड़े भंडार के आसपास ग्रामीणों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं और जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने हादसे के लिए सीसीएल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है। हादसे के कारणों और सुरक्षा में संभावित चूक पर सीसीएल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आ सका है।
2013 में भी गई थी तीन महिलाओं की जान
कथारा इलाके में ऐसा हादसा पहली बार नहीं हुआ है। 12 मार्च 2013 को कथारा वाशरी के रिजेक्ट कोयला स्टॉक में भी ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। तब भी महिलाएं घरेलू इस्तेमाल के लिए कोयला चुनने गई थीं। बेरमो कोयलांचल में कोलियरियों के आसपास बसे कई परिवार जलावन और गुजर-बसर के लिए जान जोखिम में डालकर कोयला चुनते हैं।
(स्रोत: लाइव हिंदुस्तान, प्रभात खबर)


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