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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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चाकुलिया-बुरामारा नई रेल लाइन का काम बढ़ा आगे, दक्षिण-पूर्व रेलवे ने निकाले 445.71 करोड़ रुपये के टेंडर

59.96 किलोमीटर लंबी लाइन का 39.70 किलोमीटर हिस्सा पूर्वी सिंहभूम में; पुल, अर्थवर्क, सिग्नलिंग और बिजलीकरण का होगा काम

चाकुलिया-बुरामारा नई रेल लाइन का काम बढ़ा आगे, दक्षिण-पूर्व रेलवे ने निकाले 445.71 करोड़ रुपये के टेंडर
फाइल फोटो: पूर्वी सिंहभूम का चाकुलिया रेलवे स्टेशन | फोटो: Goutam1962 / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया को ओडिशा के बुरामारा से जोड़ने वाली प्रस्तावित नई रेल लाइन का काम आगे बढ़ गया है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व रेलवे ने 59.96 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के तहत पुल निर्माण, अर्थवर्क, सिग्नलिंग, टेलीकॉम और बिजलीकरण (हाई-ट्रैक्शन) से जुड़े कार्यों के लिए 445.71 करोड़ रुपये की निविदा जारी की है।

तीन राज्यों से होकर गुजरेगी लाइन

यह लाइन झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा को जोड़ेगी और इसका सबसे बड़ा हिस्सा झारखंड में होगा। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 59.96 किलोमीटर में से 39.70 किलोमीटर ट्रैक झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में बिछेगा, जबकि बाकी हिस्सा पश्चिम बंगाल और ओडिशा में होगा। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से चल रही है। ओडिशा के मयूरभंज जिले के सरसकना तहसील क्षेत्र में बुरामारा-चाकुलिया लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना 26 जून 2025 को भारत के राजपत्र में जारी हुई थी।

160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के हिसाब से निर्माण

रिपोर्ट के अनुसार, नई लाइन को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने लायक बनाया जाएगा। रास्ते में करीब सौ छोटे-बड़े पुल और कलवर्ट प्रस्तावित हैं। लाइन तैयार होने पर तीनों राज्यों के कई दूरदराज ग्रामीण इलाके सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे यात्रियों का आना-जाना आसान होगा और मालगाड़ियों की आवाजाही की क्षमता भी बढ़ेगी, जिसका फायदा इलाके के कारोबार को मिलने की उम्मीद है।

2024 में रखी गई थी आधारशिला

भास्कर के मुताबिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वर्ष 2024 में एक साथ तीन नई रेल लाइनों की आधारशिला रखी थी, जिनमें करीब 1,459 करोड़ रुपये की लागत वाली चाकुलिया-बुरामारा लाइन भी शामिल है। अब निर्माण से जुड़े बड़े कार्यों की निविदा निकलना इस बात का संकेत है कि परियोजना भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण के चरण की ओर बढ़ रही है।

(स्रोत: दैनिक भास्कर, भारत का राजपत्र)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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