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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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SIR: मसौदा सूची से बाहर हुए झारखंड के मतदाताओं को एक और मौका, चुनाव आयोग ने दोबारा आवेदन की अनुमति दी

‘एएसडीडी’ श्रेणी में डालकर हटाए गए लोग भरा हुआ गणना फॉर्म ईआरओ-एईआरओ को दे सकेंगे; बूथवार सूची नाम कटने की वजह के साथ फिर लगेगी

SIR: मसौदा सूची से बाहर हुए झारखंड के मतदाताओं को एक और मौका, चुनाव आयोग ने दोबारा आवेदन की अनुमति दी
प्रतीकात्मक तस्वीर: मतदाता सूची में अपना नाम खोजते लोग (महाराष्ट्र, 2019) | फोटो: Ganesh Dhamodkar / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मसौदा सूची से बाहर हुए झारखंड के मतदाताओं को अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का एक और मौका मिलेगा। चुनाव आयोग ने 6 नवंबर को जारी पत्र में झारखंड, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, नगालैंड और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों को इस बारे में निर्देश दिए हैं। यह राहत उन लोगों के लिए है, जिन्हें गणना फॉर्म मिला था, लेकिन बाद में अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि (ASDD) की श्रेणी में डालकर उनका नाम मसौदा सूची से हटा दिया गया।

कैसे जुड़वा सकेंगे नाम

  • पात्र मतदाता भरा हुआ गणना फॉर्म अपने निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) या सहायक पदाधिकारी (AERO) के पास जमा कर सकेंगे।
  • ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची, नाम हटने की वजह के साथ, मतदान केंद्रों, पंचायत भवनों और शहरी निकाय कार्यालयों पर फिर से लगाई जाएगी और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर भी डाली जाएगी।
  • बीएलओ पहले से भरे फॉर्म घर जाकर या व्हाट्सऐप, ईमेल और एसएमएस से पहुंचाएंगे। पुराने EPIC नंबर से आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप से भी फॉर्म डाउनलोड किया जा सकेगा।
  • पुराने पते पर ही रहने वालों को फॉर्म के साथ लिखकर बताना होगा कि पहले फॉर्म क्यों नहीं जमा कर पाए। राज्य के भीतर पता बदलने वालों को फॉर्म-8 की जरूरत नहीं होगी, उन्हें नए पते का प्रमाण लगाना होगा।

झारखंड में SIR पर बढ़ी सरगर्मी

यह फैसला ऐसे समय आया है जब राज्य में पुनरीक्षण को लेकर सियासत तेज है। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर दावा किया है कि राज्य के करीब 2.64 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 44 लाख को ASDD श्रेणी में रखा गया और कई जीवित, घर पर रहने वाले लोगों के नाम भी कट गए। उधर, रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने नोटिसों के निपटारे में सुस्ती पर कई ईआरओ-एईआरओ को शोकॉज किया है। प्रभात खबर के अनुसार जिले में 6.44 लाख से ज्यादा नोटिस जारी हुए हैं; सिल्ली विधानसभा क्षेत्र 91.02 प्रतिशत निष्पादन के साथ सबसे आगे और हटिया 74.77 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।

(स्रोत: हिन्दुस्तान, अमर उजाला, प्रभात खबर)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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