गिरिडीह जिले के बिरनी अंचल से करीब तीन किलोमीटर दूर जुरपा गांव में सरकारी खास गैरमजरूआ जमीन पर लगे लगभग 30 साल पुराने अकेशिया के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर गुरुवार, 5 नवंबर को अंचल और पुलिस प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और काटे गए पेड़ों की लकड़ी जब्त कर बिरनी थाना भेज दी।
डीवीसी ने लगाए थे पौधे
बताया जाता है कि करीब 30 साल पहले दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) ने पर्यावरण संतुलन और हरियाली बढ़ाने के मकसद से सैकड़ों एकड़ सरकारी जमीन पर अकेशिया के पौधे लगाए थे, जो अब घने जंगल का रूप ले चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस जंगल को नुकसान पहुंचाकर सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों के आरोप
- पहले जंगल में आग लगाई गई, फिर हरे पेड़ों के चारों ओर से छाल उखाड़ दी गई, ताकि वे धीरे-धीरे सूख जाएं।
- पिछले कई दिनों से रात के अंधेरे में पेड़ काटे जा रहे थे और दिन में भी कुछ लोग लकड़ी ले जाते देखे गए।
- विरोध करने वालों को धमकी दी गई।
प्रशासन ने क्या कहा
बिरनी के अंचल अधिकारी संदीप मधेसिया ने बताया कि जमीन की प्रकृति और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई होगी और सरकारी जमीन पर किसी भी कीमत पर अवैध कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। थाना प्रभारी आकाश भारद्वाज के मुताबिक, सीओ के आवेदन पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे जांच की जाएगी। प्रखंड प्रमुख रामू बैठा ने वर्षों पुराने पेड़ों की कटाई को गंभीर मामला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
(स्रोत: प्रभात खबर)


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