NEWS 7 JHARKHAND
शनिवार, 7 नवंबर 2026
विज्ञापन
NEWS 7 JHARKHAND — YouTube पर सब्सक्राइब करें
NEWS 7 JHARKHAND — विज्ञापन दें

डीआरडीओ ने ओडिशा तट से ‘प्रलय’ मिसाइल का किया सफल परीक्षण, सेना में शामिल होने की राह हुई आसान

यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के तहत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से हुई उड़ान ने सभी तय लक्ष्य पूरे किए; रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

डीआरडीओ ने ओडिशा तट से ‘प्रलय’ मिसाइल का किया सफल परीक्षण, सेना में शामिल होने की राह हुई आसान
प्रतीकात्मक तस्वीर: 2004 की गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित अग्नि-2 मिसाइल | फोटो: Antônio Milena (ABr) / Wikimedia Commons (CC BY 3.0 BR)

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने गुरुवार, 5 नवंबर को ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल उड़ान परीक्षण किया। सुबह करीब 11 बजकर 10 मिनट पर हुआ यह परीक्षण उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षणों (यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल) का हिस्सा था और इसमें मिसाइल ने सभी निर्धारित उद्देश्य पूरे किए।

रेंज उपकरणों से हुई पुष्टि

डीआरडीओ के अनुसार, चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के अलग-अलग उपकरणों से जुटाए गए आंकड़ों ने परीक्षण की सफलता की पुष्टि की। परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा बलों के अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इस सफलता के बाद मिसाइल प्रणाली को सेना में शामिल करने का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

पूरी तरह स्वदेशी तकनीक

‘प्रलय’ को हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) ने डीआरडीओ की दूसरी प्रयोगशालाओं के साथ मिलकर विकसित किया है। विकास और उत्पादन साझेदार भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने इस प्रणाली का निर्माण किया है। टीवी9 भारतवर्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल 150 से 500 किलोमीटर दूर तक के लक्ष्य भेद सकती है, 50 से 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड ले जा सकती है और अंतिम चरण में इसकी रफ्तार मैक 5 से मैक 6.1 तक पहुंच सकती है। क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है, इसलिए दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली के लिए इसे रोकना मुश्किल माना जाता है।

रक्षा मंत्री ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, सशस्त्र बलों और उद्योग जगत के साझेदारों को बधाई देते हुए कहा कि उन्नत तकनीकों से लैस यह मिसाइल उभरते खतरों के मुकाबले सेनाओं की तकनीकी क्षमता और परिचालन तैयारी को और मजबूत करेगी। रक्षा मंत्रालय और डीआरडीओ के शीर्ष अधिकारियों ने भी परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों की सराहना की।

(स्रोत: डीडी न्यूज, टीवी9 भारतवर्ष)

यह खबर शेयर करें
स
संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

NEWS 7 JHARKHAND की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।