सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अक्टूबर 2026 में 6.72 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले साल अक्टूबर के 5.64 करोड़ टन से 19.3 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी ने 1 नवंबर को ये अस्थायी आंकड़े जारी किए, इसी दिन उसने अपना 51वां स्थापना दिवस भी मनाया। इंडियन मास्टरमाइंड्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह किसी एक महीने में कंपनी का अब तक का सबसे ज्यादा उत्पादन है। पिछला रिकॉर्ड अक्टूबर 2024 में 6.247 करोड़ टन का था।
सीसीएल और बीसीसीएल का प्रदर्शन
- सीसीएल (रांची): उत्पादन 26.1 प्रतिशत बढ़कर 73 लाख टन रहा, जबकि ऑफटेक यानी डिस्पैच 44.7 प्रतिशत उछलकर 80 लाख टन पहुंचा। अप्रैल से अक्टूबर तक कंपनी का उत्पादन पिछले साल से 21.1 प्रतिशत ज्यादा है।
- बीसीसीएल (धनबाद): पीटीआई के अनुसार कुल उत्पादन 7.1 प्रतिशत बढ़कर करीब 29 लाख टन रहा। कंपनी के बयान के मुताबिक कोकिंग कोल का उत्पादन करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 28.2 लाख टन और धुले हुए कोकिंग कोल का उत्पादन 1 लाख से बढ़कर 1.2 लाख टन हो गया।
बीसीसीएल के लिए पूरे साल की तस्वीर हालांकि अब भी कमजोर है। कंपनी के मुताबिक अप्रैल से अक्टूबर के बीच उसका उत्पादन 1.606 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 8.8 प्रतिशत कम है।
बिजली घरों को रिकॉर्ड सप्लाई
अक्टूबर में कोल इंडिया का कुल ऑफटेक 18.7 प्रतिशत बढ़कर 7.03 करोड़ टन पहुंचा। बिजली क्षेत्र को 5.71 करोड़ टन कोयला भेजा गया और रोजाना औसतन 310 रेक लोड हुए, जो किसी एक महीने का रिकॉर्ड है। सहायक कंपनियों में महानदी कोलफील्ड्स 2.08 करोड़ टन के साथ सबसे आगे रही। ईस्टर्न कोलफील्ड्स का उत्पादन 27.9 प्रतिशत बढ़कर 46 लाख टन रहा, जबकि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स अकेली बड़ी सहायक कंपनी रही जिसका उत्पादन 4.3 प्रतिशत घटा।
अप्रैल से अक्टूबर तक कोल इंडिया का कुल उत्पादन 38.82 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल से सिर्फ 0.7 प्रतिशत ज्यादा है। चालू वित्त वर्ष के लिए कंपनी का लक्ष्य 81.5 करोड़ टन है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में उत्पादन 76.8 करोड़ टन रहा था।
(स्रोत: PTI, Indian Masterminds, SteelOrbis)


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