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शनिवार, 7 नवंबर 2026
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भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल से धनतेरस पर जगह-जगह कचरे के ढेर, पानी सप्लाई पर भी संकट

वेतन 25 हजार रुपये करने, नियमितीकरण और अनुकंपा नियुक्ति की मांग पर अड़े कर्मचारी; घर-घर कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी

भोपाल में सफाईकर्मियों की हड़ताल से धनतेरस पर जगह-जगह कचरे के ढेर, पानी सप्लाई पर भी संकट
प्रतीकात्मक तस्वीर: सड़क किनारे लगा कचरे का ढेर | फोटो: Aafi / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

दीपावली से ठीक पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल ने शहर की सफाई व्यवस्था बिगाड़ दी है। धनतेरस के दिन शुक्रवार को भी घरों से कचरा नहीं उठा और बाजारों, सड़कों व कॉलोनियों में कचरे के ढेर लग गए। न्यूज18 के मुताबिक प्रदेश के सफाई कर्मचारी बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। अब जलप्रदाय शाखा के कर्मचारियों के काम बंद करने से कई इलाकों में पानी की आपूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

हजारों कर्मचारी हड़ताल पर

अमर उजाला के अनुसार भोपाल में करीब 13 हजार नगर निगम कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिनमें करीब सात हजार सफाईकर्मी हैं। कई अन्य शाखाओं के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं, जिससे निगम मुख्यालय अटल भवन के साथ सभी 85 वार्डों और 21 जोन में कामकाज प्रभावित है। घर-घर कचरा उठाने वाली 400 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी हैं, जबकि शहर से रोज करीब 850 टन कचरा निकलता है। न्यूज18 ने शहर में अब तक करीब 2100 टन कचरा जमा होने की बात कही है।

क्या हैं मांगें

कर्मचारियों की प्रमुख मांग मासिक वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की है। इसके अलावा वे नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने और अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट का कहना है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद ही हड़ताल पर अगला फैसला होगा। बुधवार को मंत्रालय में अधिकारियों के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही थी।

सरकार का भरोसा, सेहत की चिंता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कर्मचारियों के हित में विचार किया जा रहा है, वहीं नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने हड़ताल खत्म करने की अपील की है। दैनिक भास्कर के मुताबिक कुछ बाजारों में कचरे के ढेरों में आग लगाई जा रही है, जिस पर डॉक्टरों ने धुएं से सांस संबंधी परेशानी बढ़ने की चिंता जताई है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मामले के याचिकाकर्ता पर्यावरणविद् सुभाष सी. पांडे ने कहा है कि वे 17 नवंबर की सुनवाई से पहले भोपाल के हालात सुप्रीम कोर्ट के सामने रखेंगे।

(स्रोत: अमर उजाला, न्यूज18 हिंदी, दैनिक भास्कर)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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