NEWS 7 JHARKHAND
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
विज्ञापन
NEWS 7 JHARKHAND — YouTube पर सब्सक्राइब करें
NEWS 7 JHARKHAND — विज्ञापन दें

बांकेबिहारी मंदिर की गुल्लकों से ढाई महीने में निकला रिकॉर्ड 6.19 करोड़ रुपये का दान

इससे पहले मई में 4.90 करोड़ रुपये का सर्वाधिक दान मिला था; प्रबंधन समिति ने भंडारियों पर सख्ती और गुल्लकें बढ़ाने को बताया वजह

बांकेबिहारी मंदिर की गुल्लकों से ढाई महीने में निकला रिकॉर्ड 6.19 करोड़ रुपये का दान
फाइल फोटो: वृंदावन स्थित ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर | फोटो: Guptaele / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की गुल्लकों से इस बार अब तक का सबसे बड़ा दान निकला है। करीब ढाई महीने के अंतराल पर खोली गई गुल्लकों की गिनती बृहस्पतिवार को पूरी हुई, जिसमें 6 करोड़ 19 लाख 2 हजार 347 रुपये की दान राशि प्राप्त हुई। दैनिक जागरण के मुताबिक इससे पहले सबसे अधिक 4.90 करोड़ रुपये का दान मई में मिला था।

गुल्लकें बढ़ीं, दान भी बढ़ा

अमर उजाला के अनुसार मंदिर कार्यालय के आंकड़े बताते हैं कि अक्तूबर 2025 से 5 नवंबर 2026 के बीच गुल्लकों से कुल 22 करोड़ 27 लाख रुपये का दान मिला है। अक्तूबर 2025 में मंदिर में 16 स्टील और एक लकड़ी की गुल्लक थी। हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के निर्देश पर पहले 7 और बाद में 9 नई स्टील गुल्लकें लगाई गईं। गुल्लकें पुलिस और सीसीटीवी की निगरानी में खोली जाती हैं। जनवरी 2026 की गिनती में 4.65 करोड़ रुपये और पिछली गिनती में करीब 3.90 करोड़ रुपये निकले थे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सख्ती

दैनिक जागरण के मुताबिक, मंदिर में व्यवस्था यह है कि जगमोहन में श्रद्धालु जो चढ़ावा अर्पित करते हैं वह सेवायतों का होता है, जबकि गुल्लक या ऑनलाइन माध्यम से दिया गया दान मंदिर के खजाने में जाता है। पिछले वर्ष अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति ने मंदिर की व्यवस्था संभाली थी। समिति ने इस वर्ष 25 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर शिकायत की थी कि सेवायतों की सहायता के लिए लगाए गए भंडारी श्रद्धालुओं को गुल्लक में दान नहीं डालने देते और राशि अपने पास रख लेते हैं। इसके बाद भंडारियों की संख्या सीमित की गई और मंदिर में नोटिस बोर्ड लगाकर श्रद्धालुओं से दान गुल्लक में ही डालने को कहा गया।

समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गुल्लकों की संख्या बढ़ाई गई और इन कदमों का सीधा असर दिखा है। उनके मुताबिक इससे मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों को बल मिला है।

(स्रोत: अमर उजाला, दैनिक जागरण)

यह खबर शेयर करें
स
संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

NEWS 7 JHARKHAND की संपादकीय टीम।

संपादकीय टीम की और खबरें →

टिप्पणियाँ

इस खबर पर सबसे पहले अपनी टिप्पणी करें।