राजधानी रांची में हर गर्मी में पाइपलाइन लीकेज की वजह से होने वाली जलापूर्ति की किल्लत से निपटने के लिए पेयजल विभाग ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, रुक्का जलापूर्ति योजना की पुरानी पाइपलाइनों की मरम्मत और बदलाव के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 1.52 करोड़ रुपये की तीन योजनाएं तैयार की गई हैं। विभाग का लक्ष्य है कि यह काम गर्मी शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए।
क्यों पड़ी जरूरत
रुक्का से शहर तक पानी पहुंचाने वाली कई राइजिंग पाइपलाइनें वर्षों पुरानी हो चुकी हैं। इनमें से कुछ अपनी तय उम्र पूरी कर चुकी हैं, जबकि लगातार इस्तेमाल से कई की क्षमता घट गई है। गर्मी में पानी की मांग बढ़ने पर इन पाइपों में लीकेज आम बात है और मरम्मत के लिए सप्लाई रोकनी पड़ती है। ऐसे में कई मोहल्लों में दो से तीन दिन तक पानी नहीं पहुंचता। सबसे ज्यादा परेशानी उन इलाकों में होती है, जहां पहले से ही पानी का प्रेशर कम रहता है। विभाग ने सर्वे कर लीकेज की आशंका वाले और कमजोर पाइपलाइन वाले स्थानों को चिह्नित किया है।
तीन योजनाओं में क्या होगा
- 68.76 लाख रुपये: पुराने पाइपों पर निर्भरता घटाने के लिए नई डिस्ट्रीब्यूशन पाइपलाइन बिछाई जाएगी, ताकि लीकेज से पानी की बर्बादी और बार-बार की मरम्मत कम हो।
- 34.62 लाख रुपये: रुक्का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट क्षेत्र से जुड़े पाइपलाइन नेटवर्क के पुराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत होगी और जरूरत के मुताबिक नए पाइप लगेंगे।
- 48.37 लाख रुपये: नेवरी रिंग रोड समेत संबंधित इलाकों में टूटे चैंबरों का जीर्णोद्धार होगा और राइजिंग मेन लाइन की तकनीकी व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
विभाग का दावा
रुक्का डिवीजन के कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार के मुताबिक, विभाग ने एक-एक बिंदु का निरीक्षण किया है और जहां पूरी तरह मरम्मत या पाइपलाइन बदलने की जरूरत है, वहां काम कराया जाएगा। उनका कहना है कि कोशिश यही है कि गर्मी में लीकेज कम से कम हो और लोगों को इसकी वजह से पानी के लिए परेशान न होना पड़े।
(स्रोत: दैनिक भास्कर)


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