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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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इवेको अब टाटा मोटर्स की, 89.42% हिस्सेदारी के साथ सौदे का पहला चरण पूरा; जमशेदपुर प्लांट में नए मौकों की तैयारी

करीब 3.43 अरब यूरो के अधिग्रहण के बाद चंद्रशेखरन ने इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी से मुलाकात की; वीपी विशाल बादशाह बोले- इवेको की सुरक्षा और गुणवत्ता प्रथाएं भारत में भी लागू होंगी

इवेको अब टाटा मोटर्स की, 89.42% हिस्सेदारी के साथ सौदे का पहला चरण पूरा; जमशेदपुर प्लांट में नए मौकों की तैयारी
फाइल फोटो: जर्मनी के हनोवर में आईएए 2024 प्रदर्शनी में रखा इवेको का एस-वे ट्रक | फोटो: Matti Blume / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

टाटा मोटर्स ने इटली की वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी इवेको ग्रुप के अधिग्रहण का सबसे बड़ा चरण पूरा कर लिया है। 30 अक्टूबर को टेंडर ऑफर के शुरुआती निपटान के साथ कंपनी ने इवेको के करीब 23.82 करोड़ शेयर 14.40 यूरो प्रति शेयर की दर से नकद खरीदे। ये शेयर इवेको की पूंजी (ट्रेजरी शेयर छोड़कर) का करीब 89.42 प्रतिशत हैं और इन पर करीब 3.43 अरब यूरो खर्च हुए। इसके साथ ही इवेको टाटा मोटर्स की अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी बन गई है। बाकी शेयरधारकों के लिए ऑफर 2 से 6 नवंबर तक दोबारा खोला गया, जिसका निपटान 13 नवंबर को होगा।

मेलोनी से मिले चंद्रशेखरन

अमर उजाला के मुताबिक सौदे के बाद टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने रोम के पलाज़ो किगी में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की और अधिग्रहण के बाद की योजनाएं साझा कीं। तूरिन स्थित इवेको मुख्यालय में उन्होंने इटली सरकार और उद्योग मंत्री एडोल्फो उर्सो का आभार जताया। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के अनुसार इनका मिला-जुला राजस्व करीब 21 अरब यूरो (लगभग 2.28 लाख करोड़ रुपये) है और नेटवर्क 130 से ज्यादा देशों में फैला है।

जमशेदपुर प्लांट के लिए क्या मायने

टाटा मोटर्स का जमशेदपुर प्लांट मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों का प्रमुख केंद्र है। दैनिक जागरण के अनुसार कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट विशाल बादशाह ने बुधवार को जमशेदपुर में कर्मचारी यूनियन के कार्यालय पहुंचकर पदाधिकारियों से कंपनी की भावी योजनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि इवेको के अधिग्रहण से कंपनी को नया और बड़ा बाजार मिला है, इसलिए ग्राहकों और बाजार की मांग के मुताबिक उत्पादन करना होगा। इवेको में सुरक्षा और गुणवत्ता की जो बेहतरीन प्रथाएं अपनाई जाती हैं, उन्हें भारतीय कारखानों में भी लागू किया जाएगा।

बादशाह के मुताबिक जमशेदपुर प्लांट में अब कोई अस्थायी कर्मचारी नहीं है और सभी स्थायी हैं, इसलिए नए मौकों और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सभी को तैयार रहना होगा। उन्होंने इलेक्ट्रिक प्राइमा टिपर और क्रायोस व क्रेटोस इंजनों की अहमियत भी गिनाई। इस दौरान प्लांट हेड अनुराग छारिया और यूनियन महामंत्री आरके सिंह भी मौजूद थे।

(स्रोत: अमर उजाला, दैनिक जागरण, Autocar Professional)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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