बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार तड़के बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में तीन आरोपियों की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मारे गए तीनों लोग पिछले महीने हुई पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार की हत्या के मामले में आरोपी थे। मुठभेड़ में मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार भी घायल हुए हैं।
शेरपुर गंगा घाट के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी जेपी यादव के साथियों समेत शेरपुर गंगा घाट के आसपास छिपे होने की सूचना मिली थी। प्रभात खबर की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त टीम सुबह करीब तीन बजे इलाके में पहुंची और करीब 20 मिनट तक दोनों ओर से गोलीबारी हुई। पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में तीनों को गोली लगी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मारे गए आरोपियों की पहचान जेपी यादव, बबलू कुमार और राजा शर्मा के रूप में हुई है। एसडीपीओ के मुताबिक जेपी यादव हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने 24 से अधिक राउंड फायरिंग की। मौके से दो पिस्तौल, एक देसी कट्टा और कारतूस-खोखे बरामद हुए हैं।
18 अक्टूबर को हुई थी पैक्स अध्यक्ष की हत्या
मनेर के ब्यापुर गांव में 18 अक्टूबर की रात दो बाइकों पर आए चार हमलावरों ने पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिसमें उनकी जान चली गई थी। तभी से पुलिस और एसटीएफ आरोपियों की तलाश में थी।
परिजनों का हंगामा, विपक्ष के सवाल
मुठभेड़ के बाद दानापुर के अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और कुछ वाहनों के शीशे तोड़ दिए। भीड़ हटाने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। राजद सांसद मीसा भारती ने भी परिजनों से मिलकर सम्राट चौधरी सरकार पर निशाना साधा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच मांगी। तीनों शव पोस्टमार्टम के लिए एम्स पटना भेजे गए हैं और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
(स्रोत: अमर उजाला, लाइव हिन्दुस्तान, प्रभात खबर)


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