छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय ने दुर्ग जिले की अहिवारा विधानसभा सीट रिक्त होने की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज दी है। यह सीट भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन से खाली हुई है। अमर उजाला के मुताबिक उनका 30 अक्टूबर को हैदराबाद के एक अस्पताल में निधन हुआ था। नियमों के अनुसार अब छह महीने के भीतर, यानी 30 अप्रैल 2027 से पहले यहां उपचुनाव कराना होगा।
श्रद्धांजलि सभा में घोषणा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को भिलाई-3 स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत विधायक के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इसी मौके पर उन्होंने अहिवारा के शासकीय महाविद्यालय का नाम कोर्सेवाड़ा के नाम पर रखने की घोषणा की। साय ने कहा कि लोग उन्हें स्नेह से ‘गुरुजी’ कहते थे और अनुसूचित जाति समाज के उत्थान में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हैदराबाद में इलाज के दौरान उन्होंने खुद फोन कर विधायक का हालचाल लिया था और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को भी उनसे मिलने भेजा था। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी दिवंगत विधायक को श्रद्धांजलि दी।
सीट का राजनीतिक इतिहास
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित अहिवारा सीट 2008 के परिसीमन के बाद बनी थी और कोर्सेवाड़ा उसी साल यहां के पहले विधायक बने। 2013 में भाजपा के सांवलाराम डाहरे और 2018 में कांग्रेस के गुरु रुद्र कुमार ने यह सीट जीती, जबकि 2023 में कोर्सेवाड़ा फिर विधानसभा पहुंचे।
साय सरकार के कार्यकाल में यह दूसरा विधानसभा उपचुनाव होगा। इससे पहले बृजमोहन अग्रवाल के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई रायपुर दक्षिण सीट पर उपचुनाव हुआ था, जिसमें भाजपा के सुनील सोनी जीते थे।
(स्रोत: अमर उजाला, छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग)


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