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शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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कमारबासा में स्टोन क्रशर की ब्लास्टिंग से घरों में दरारें, तीन महीने बाद भी जांच नहीं होने से ग्रामीण नाराज

ग्रामीणों का आरोप- रोज दो-तीन बार होते हैं तेज धमाके; उपायुक्त, एसडीएम और सीओ को दिए आवेदन पर अब तक न स्थल निरीक्षण हुआ, न कार्रवाई

कमारबासा में स्टोन क्रशर की ब्लास्टिंग से घरों में दरारें, तीन महीने बाद भी जांच नहीं होने से ग्रामीण नाराज
प्रतीकात्मक तस्वीर: दुमका जिले के शिकारीपाड़ा इलाके में एक स्टोन क्रशर | फोटो: Pinakpani / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

सरायकेला प्रखंड के कमारबासा गांव के लोग इन दिनों धमाकों के साये में जी रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पास के भगवती स्टोन क्रशर में रोज दो से तीन बार हैवी ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे कमारबासा और आसपास के गांवों के कई घरों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। लोगों को डर है कि अगर यही हाल रहा तो कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

तीन महीने पहले दी थी शिकायत

ग्रामीणों के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले उन्होंने उपायुक्त, एसडीएम और अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद अब तक न तो कोई अधिकारी स्थल निरीक्षण के लिए पहुंचा और न ही कोई कार्रवाई हुई। बार-बार शिकायत के बाद भी समाधान नहीं होने से गांव में नाराजगी बढ़ रही है।

बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में डर

पोटका पंचायत की उपमुखिया सुकुरमुनी तियु का कहना है कि रोज होने वाली ब्लास्टिंग से गांव वालों को भारी परेशानी हो रही है। धमाकों के वक्त घरों में मौजूद बुजुर्ग और बच्चे सहम जाते हैं, जबकि गर्भवती महिलाओं को भी डर और तकलीफ झेलनी पड़ रही है।

ग्रामीणों की मांग

  • भगवती स्टोन क्रशर में हो रही ब्लास्टिंग की जांच कराई जाए।
  • दरार वाले घरों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन हो।
  • नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो किसी दिन जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। इस मामले में क्रशर संचालक की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

(स्रोत: प्रभात खबर)

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संपादकीय टीम · संपादकीय डेस्क

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