पंचकेदारों में तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चार और परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से पहले रुद्रप्रयाग जिले में समुद्रतल से करीब 3,680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मंदिर को लगभग आठ क्विंटल फूलों से सजाया गया। इसके बाद भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मक्कूमठ के लिए रवाना हो गई।
तीन पड़ावों के बाद मक्कूमठ पहुंचेगी डोली
तय कार्यक्रम के मुताबिक उत्सव डोली शुक्रवार रात चोपता में विश्राम करेगी, शनिवार को भनकुंड पहुंचेगी और रविवार, 8 नवंबर को मक्कूमठ के मर्कटेश्वर मंदिर में विराजमान होगी। सर्दियों के छह महीने भगवान तुंगनाथ की पूजा यहीं होगी। मंदिर के पुजारी अभिषेक मैठाणी ने कपाट बंद होने से जुड़े अनुष्ठान संपन्न कराए। दैनिक भास्कर के अनुसार इस यात्रा सीजन में करीब 1.97 लाख श्रद्धालुओं ने तुंगनाथ के दर्शन किए और आखिरी दिन भी 500 से ज्यादा भक्त पहुंचे।
केदारनाथ और मद्महेश्वर की तारीखें तय
बदरी-केदार मंदिर समिति के मुताबिक केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज पर और द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे। कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की शीतकालीन पूजा ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में होगी। अमर उजाला के अनुसार इस वर्ष अब तक 18.95 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
धाम में तापमान लगातार गिर रहा है। रुद्रप्रयाग पुलिस ने यात्रियों से पर्याप्त गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयां साथ रखने तथा मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है। बढ़ती ठंड के कारण यात्रा मार्ग के कई व्यापारी दीपावली से पहले ही लौटने लगे हैं।
(स्रोत: अमर उजाला, दैनिक भास्कर)


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